
.....नारी....
नारी केवल एक शब्द नहीं है,
यह जादु है।
क्यू ये कभी एक बेटी होती है, एक बहन होती है, पत्नी या माँ होती है।
है ना जादू एक साथ इतने सारे रिश्ते निभाना किसी जादू से कम नहीं है।
एक नारी ही जो सारे घर, परिवार या समाज को बंधे राखी है,
फेर भी नारी को समाज माई कितनी है यतनये सहन करनी पड़ती है।
सोने आज हम आजाद हुए 75साल हो गए हैं।
आज भी हम नारी को हमसे दृष्टि से नहीं देखते हैं जिस की वो हकदार है..
एक नारी नई हमारे समाज, देश, घर, परिवार के लिए क्या नहीं किया है.. देश की आजादी माई अतुलनिये योगदान दिया हमारे देश की नारी ने।
प्रधानमत्री, राष्ट्रपति तक हमारे देश की बेटी बानी, या देश के विकास माई भी देश की नारी अपना योगदान दे रही है।
वो कोई एरिया हो, रजनीति हो, एजुकेशन हो, साइंस हो, ये स्पोर्ट्स का एरिया हो।
हर एरिया माई अपना योगदान दे रही है अपने घर परिवार या इतने सारे रिश्ते निभाए।
समाज की सोच बदल रही है लेकिन आज भी हमारे देश माई बहुत से घरो माई नारी को मानसिक या साररिक प्रेरणा सहनी पदति है।
ऐ दिन एपी ये खबरे न्यूज पेपर माई पदे होगे।
एपी सोच रहे होंगे की माई ये सब क्यों लिख रहा हूं। मेरा लिखने का मतलाब यही ह बस की नारी को उसका पूरा सम्मान मिले जिस्की वो हकदार है।
समाज से दुत्कार नहीं नहीं।
मेरा मन्ना है अज भी हम पुरुष प्रधान की सोच से बहार नहीं निकले पाए हैं।
\लास्ट माई माई बस इतना ही कहना चाहता हूं, की सोच को बदला होगा की पुरुष ही सब किच है...
नारी का सम्मान देश का अभिमान।
अपमान मत करना नारियो का, इनके बाल जग चलता है।
पुरुस जन्म लेकर इनही की गोद में पलटा है।
जय हिन्द


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